मैरिज लाइफ में स्ट्रेस पर काबू पाने के सरल और प्रभावी उपाय

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वर्तमान लाइफस्टाइल में स्ट्रेस अर्थात तनाव ना केवल आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है लेकिन यह आपके व्यवहार को भी प्रभावित करता है। देर रात तक कार्य,नौकरी में असंतोष, मल्टी टास्किंग की वजह से आपके मन में तनाव जन्म लेता है। स्ट्रेस की वजह से निजी जीवन में आप छोटे मुद्दों पर भी जल्दी चिढ जाते है और निजी जीवन में निराशा का स्तर बढ़ता जाता है।



विवाहित जीवन में इस तरह का तनाव कई असहमति के कारण की वजह से पैदा होता है। हर शादी में कुछ असफलताएं होती है और यह जोड़ो में अधिक तनाव पैदा करता है। गरीबी वैवाहिक जीवन में तनाव का बड़ा कारण बनता है संतोष ही निजी जीवन में स्ट्रेस के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मदद करता है।

चिल्ला के अपना तर्क देना, दूसरे से मिलने से बचना,भावनाओं पर नियंत्रण ना होना तनाव की प्रमुख निशानियां है। शादी जिसे एक पवित्र रिश्ते के रूप में बुलाया जाता है स्ट्रेस उसे तबाह कर देता है। पति और पत्नी दोंनो को ऐसी समस्या होने पर एक साथ बैठना चाहिए और आपसी समझ से इस वैवाहिक जीवन में तनाव से निपटने वाले सभी मुद्दों पर खुल कर बात करनी चाहिए और ऐसा करके जल्द ही तनाव काबू किया जा सकता है। आइयें जानतें है और कौन से उपाय है जिनको अपनाकर अपनी मैरिज लाइफ से स्ट्रेस को बाहर किया जा सकता है।



एक दूसरे को दोष देने का खेल बंद करें : रिश्ते उग्र रूप तब ले लेते है जब जोड़ो के अंदर एक दूसरे को दोष देने का खेल शुरू हो जाता था। जब आप स्ट्रेस में होते है तो पार्टनर की छोटी गलतियों पर आक्रमक हो जाते है। एक छोटी सी लड़ाई में क्रोध की स्थिति तब उत्पन्न हो जाती है जब पार्टनर लड़ाई को एक-दूसरे पर आरोप लगाकर खत्म करना चाहते है। आरोप लगा पर ध्यान केंद्रित करने की जगह अगर तार्किक ढंग से समस्या पर चर्चा करने का प्रयास करें तो हमेशा मन मुटाव को उग्र होने से रोका जा सकता है। पति-पत्नी में झगड़े होना निश्चित ही आम बात है लेकिन अगर इनका दिन प्रतिदिन विस्तार हो रहा है तो यह मैरिज लाइफ के लिए ठीक नही है।



पूरा भरोसा करें और अपने आप को थोपे नही : एक सफल वैवाहिक जीवन जिन महत्वपूर्ण स्तंभों पर खड़ा होता है उनमें से एक प्रमुख स्तंभ विस्वास होता है। एक पार्टनर को दूसरे पर विश्वास को थोपना नही चाहिए। जब पार्टनर कहता है की कुछ समय के लिए वह अकेला रहना चाहता है तो इसका यह मतलब नही है की वह आपसे छुट्टी चाहता है कई बार पार्टनर यह आपको बुरे व्यवहार से पीड़ित होने से बचाने के लिए भी कर सकता है। आप जिन कार्यों को लेकर उन पर विस्वास नही करते है उस पर खुल कर साथी से चर्चा करें।



एक दूसरे का अनादर ना करें : रोमांटिक विवाहित जीवन की चाह के लिए सबसे अच्छा होगा की पार्टनर एक दूसरे का परस्पर सम्मान करें। शादी के बाद जैसे जैसे समय गुजरता है पार्टनर खुले तौर पर अपने साथी के सामने खुद को व्यक्त करने लगते है और उस दौरान कई बार अनजाने में हम साथी का अनादर कर बैठते है और तो और कई बार एक पार्टनर की वजह से दूसरे पार्टनर को सार्वजनिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ जाता है। एक बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए की आपके पति या पत्नी दोनों एक दूसरे के जीवन का अविभाज्य अंग है और अगर आप सम्मान चाहते है तो आपको सम्मान भी देना पड़ेगा।



समस्याओं का हिस्सा बनें : शादी के बाद आपको अपने पार्टनर का भी ख्याल रखना पड़ता है इसलिए सिर्फ अपनी तकलीफों मुसीबतों की चर्चा ही ना करें। अपने पार्टनर की समस्याओं और शिकायत को सुन कर उस पर अपनी राय भी व्यक्त करनी चाहिए। जब पति या पत्नी अपनी तकलीफ शेयर करते है तो पार्टनर को गले लगाते हुए यह अहसास करना चाहिए की आप हमेशा हर पल में उनके साथ है।


अर्धांगिनी कर अर्थ है आधा अंग इसलिए खुद को अपनी समस्याओं तक ही सीमित ना रखें स्वतंत्र रूप से अपने साथी को अपने जीवन के प्रत्येक पहलू में शामिल करें और उनके हर पहलू में शामिल रहे। स्ट्रेस को बेहतर ढंग से संभालने के लिए हमेशा साथी को आगे आना चाहिए।

एक दूसरे की देखभाल : प्यार, सम्मान और विश्वास यह महत्वपूर्ण क्रम है जो विवाहित जीवन को सुंदर बनाने में जिम्मेदार होते है। पति या पत्नी के प्रति अपनी देखभाल रवैया अपनाना चाहिए। पार्टनर को जोर से गले लगाओ, हाथों में हाथ डाले, सिर की मालिश या उनका पसंदीदा भोजन बना कर प्यार से परोसने से भी साथी को तनाव से निपटने की शक्ति मिलती है।



शाम को सैर पर निकलें : शादीशुदा जीवन से तनाव को हराने के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है। जब आपके मन में नकारात्मक मोड़ आता है और आप टीवी और सोशल नेटवर्किंग साइटों को देखने में अधिक दिलचस्पी लेते है तो आप और अधिक तनाव का निर्माण करते है। शाम को टहलने के लिए हमेशा अपने पार्टनर को आमंत्रित करें ताकि कुछ क्षणों के लिए वह तनाव से बाहर आ सकें। जब एक पार्टनर दुसरे साथी को कम समय देते है तो रिश्ते में शिकवे शिकायतों का दौर शुरू हो जाता है और नकारात्मकता धीरे धीरे काफी उग्र हो जाती है। अपने मन में सभी भ्रमों को निकालकर बेजिझक हार शाम साथी को सैर का हिस्सा जरुर बनाएं।



सप्ताह में एक दिन साथ में बिताएं : विवाह में तनाव की बाधा को दूर रखने के लिए आपको सुनिश्चित करना चाहिए की आपका ध्यान साथी के साथ आनंद लेने पर ज्यादा केन्द्रित हो बजाय स्ट्रेस से उत्पन्न समस्याओं पर, अप चुपके से साथ के साथ उठने सोने की आदतों में परिवर्तन करें। साथी की दिनचर्या में परविर्तन का तरीका स्ट्रेस को कम करने के साथ साथ आपके जीवन को भी प्रभावित करता है। सप्ताह में एक दिन पिकनिक,आउटिंग,मल्टी कपल डेटिंग या एकांत स्थान पर एक दूसरे की बाहों का सहारा लेना स्ट्रेस को विवाहित जीवन से दूर रखने का सबसे कामयाब तरीको में से एक है।

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